Wednesday, 13 February 2019

एक तरफा प्यार




एक अजीब सी कशमकश है सीने में ।।
जितना तुझसे दूर जा रहा हूँ उतना ही तेरे करीब आ रहा हूँ ।।

तेरी कमी का आज मुझे एहसास हुआ ।।
दिल की धड़कनों ने आज तेरा नाम लिया ।।

सोच रहा हूँ कि कह दूं कि कितनी मोह्हबत है तुझसे ।।
अब तेरी जुदाई न सही जाएगी मुझसे ।।

पर डरता हूँ इज़हार ए इश्क़ करने से ।।
कहीं खो न दूं तुझे अपने दिल की बात कह के ।।

कब तू मेरे इतने करीब आ गयी पता भी न चला ।।
तुझसे दूर जाने के बाद मुझे भी इस बात का पता चला ।।

पता तो चल गया पर बता नहीं सकता तुझे ।।
क्योंकि तेरी आँखों में कोई और है इस बात का पता है मुझे ।।

न करूँगा ऐसी कोई भी नादानी जिसकी कीमत तुझे खो कर चुकानी पड़े ।।

बन्द कर लुंगा अपनी जुबान भूल जाऊंगा सब कुछ भले ही मुझे एक तरफा प्यार के साथ जीना पड़े ।।

क्योंकि तेरा प्यार और तेरी परवाह तो मुझे वैसे भी मिल रही है

जो मिल रहा मैं उस ही में खुश हूं तू कीमती है मेरे लिए इसीलिए तो चुप हूं ।।

हां इसीलिए अबतक मैं चुप हूँ ।।

एक अजीब सी कशमकश है सीने में ।।
जितना तुझसे दूर जा रहा हूँ उतना ही तेरे करीब आ रहा हूँ ।।


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Saturday, 19 May 2018

एक आदमी जब भी अपने ऑफिस जाता था तो अपने वॉचमैन से हाथ मिलाकर अंदर जाता था और जाते समय भी हाथ मिलाकर ही घर जाता था।

दरअसल वो आदमी एक कोल्डस्टोरेज कंपनी में काम करता था। एक दिन अचानक वो फ्रीज़ के अंदर बन्द हो जाता है और बहुत कोशिश करने के बाद भी वो बाहर नही निकल पाता है। आफिस के शोरगुल में उसकी आवाज भी लोगों तक नही पहुँच पाती है। धीरे धीरे पूरा ऑफिस खाली होने लगता है और वो अंदर ही फंसा रह जाता है।

धीरे धीरे ठंड से उसके हाथ पैर अकड़ने शुरू हो जाते है और वो आदमी बस यही सोचता है कि आज तो बस वो नहीं बचेगा और आज उसकी जिंदगी का आखिरी दिन है। वो बहुत चिल्लाता है लात मारता है लेकिन उसकी मदद के लिए कोई नहीं आता है।

वो भगवान से यही कहता है कि भगवान मुझसे जो भी कोई गलती हुई हो मुझे मांफ करना और मेरे परिवार का ख्याल रखना। लेकिन अचानक से उसके फ्रीज का दरवाजा खुलता है और उसके सामने वही वॉचमैन खड़ा होता है जिससे वो रोज हाथ मिलाता है।

बाहर आने के बाद वो उस वॉचमैन से पूछता है कि तुम्हे कैसे पता कि मैं यहां अंदर बंद हूँ तो वो वॉचमैन उस आदमी से कहता है कि साब आप रोज मुझसे हाथ मिलाकर अंदर जाते हो और जाते समय भी हाथ मिलाकर ही जाते हो जिसकी वजह से आप मुझे याद रहते हो।

आज आपने आते वक्त तो हाथ मिलाया लेकिन जाते वक्त आप नहीं आये इसीलिए मैं आपको ढूंढता हुआ अंदर आ गया।

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Monday, 16 April 2018

आसिफा को इंसाफ दिलाने की बात करने वाले दे रहे हैं ऐसी गालियां

पिछले कई दिनों से उन्नाव और कठुआ रेप केस को लेकर सोशल मीडिया पर जम कर विरोध प्रदर्शन हो रहा है। लेकिन इनमें से कुछ लोग ऐसे भी है जो विरोधी होने बावजूद उन बलात्कारियों से कम नहीं है जिन्होंने उस घिनौनी हरकत को अंजाम दिया। विरोध करते करते वे ये तक भूल गये कि वो लिख क्या रहे हैं और किसका गुस्सा किस पर उतार रहे हैं।



ये फेसबुक पोस्ट किसी Page For India पेज पर पोस्ट समें गयी है जहाँ ये सवाल लिखा हुआ है कि आसिफा की ये तस्वीर किसने खींची। क्योंकि वो इन्ही कपड़ों में मृत्य अवस्था में पाई गई थी। ये सवाल देखकर मुझे भी काफी गुस्सा आया कि आखिर ये साबित क्या करना चाहता है। लेकिन जब मैंने नीचे कमेंट पर जाकर देखा तो वहां आसिफा के (कथित तौर पर) भाई वही सब करने की बाते कर रहे थे जो आसिफा के साथ हुआ है। 







अब यहां पर ये सवाल उठता है कि ये सभी लोग किस मुंह से आसिफा को न्याय दिलाने की बात कर रहे हैं जब ये लोग खुद ही करने वाले कि मां और बहन के बारे में ऐसी बातें बोल रहे हैं।   

इस लिंक पर जाकर आप इस पोस्ट को देख सकते हैं...

https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=1635432963159139&id=758647800837664#_=_


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क्या है section 164 CrPC ?

#Unnao_rape_victim ने आज section 164 CrPC के तहत अपना बयान CBI court में दर्ज करा दिया है। 

तो आइए जानते हैं क्या है section 164 CrPC

दरअसल इसी धारा के तहत कोई अपराधी अपना जुर्म कबूल करता है या फिर कोई किसी का बयान दर्ज करता है न कि पुलिस के सामने बल्कि कोर्ट के सामने और उन्नाव मामले में यहां रेप विक्टिम ने अपना बयान दर्ज किया है।

ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि पुलिस के सामने दिया हुआ बयान और कोर्ट के सामने दिया हुआ बयान एक हो क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि पुलिस के दबाव में आने का बाद लोग थाने में उन्हें पुलिस की मार की वजह से झूठ बोलना पड़ता है और वैसे भी कोर्ट को पुलिस की बातों पर भरोसा नहीं है उनके सामने दिये हुए बयान की मान्यता भी नहीं है।

Indian Evidence Act के section 25 में भी यही बोला गया है और crpc के section 162 में भी यही कहा गया है कि पुलिस के सामने दिये बयान को बहुत ही लिमिटेड पर्रपज के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। कोर्ट के सामने दिया हुआ बयान ही सही बयान माना जाता है और उसे ही आधिकारिक तौर पर दर्ज किया जाता है। 


Shashank Sharma

कोर्ट के सामने झूठा बयान देने पर..


अब यहां पर ये बात आती है कि अगर आपने कोर्ट के सामने झूठा बयान दिया है और जांच पड़ताल के बाद इसका पता चला जाता है तो आपको किस प्रकार की सजा हो सकती है। आपको जानकारी के लिए बता दें कि ऐसे में आप पर crpc के section 340 के तहत अदालत द्वारा शिकायत दर्ज की जाएगी और IPC के Section 193 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। दोषी पाये जाने पर आपको 7 साल की सजा हो सकती है।  


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Friday, 13 April 2018

ये वही विधायक हैं जो हाथ जोड़े वोट मांगते हैं

चलो मान लेते हैं कि कोई एक इंसान ये बोले की वो इंसान गलत है तो हो सकता है वो झूठ बोल रहा हो। पर जब 1 से ज्यादा लोगों द्वारा एक ही बात कहीं जाने लगे तो उसपर विचार करना चाहिए।

आपको पता है बीजेपी के विधायक आजकल यही काम कर रहे जिससे लोगों को ये पूरी तरह से विश्वास हो जाये कि ये निक्कमी सरकार है। लेकिन तकनीकी भाषा में इसे समझा जाये तो ये सरकार निकम्मी नही है उसके द्वारा चुने गए ये विधायक निकम्मे हैं जो बीजेपी को पूरी तरह से डुबाने में लगे  हैं। इन विधायकों ने तानाशाही की हद पार कर दी है।

अब एक हो तो बताया भी जाए यहां तो टीम है पूरी। कुछ दिनों पहले  अमन मणि त्रिपाठी पर किसी व्यापारी की जमीन हथियाने का आरोप लगा था हालांकि वो बीजेपी से नही हैं लेकिन कहा जाता है कि वे यूपी सीएम आदित्यनाथ के काफी करीबी हैं। 

उसके बाद उन्नाव के विधायक पर रेप के आरोप लगे हांलाकि वो अभी पुलिस हिरासत में है लेकिन आरोप तो लग ही गये न

लेकिन अभी उन्नाव का मामला शांत नहीं हुआ कि एक और विधायक का नाम सामने आकर खड़ा हो गया है। ये तीसरी घटना हमीरपुर की है जहां के विधायक अशोक चंदेल ने एक महिला की जमीन पर कब्ज़ा कर लिया है।

सवाल यहां पर ये उठता है कि उत्तर प्रदेश की जिम्मेंदारी जिन विधायकों को दी गयी है वही आज कठघरे में आकर खड़े हो गए हैं। अगर ऐसे ही एक के बाद एक सभी विधायकों पर आरोप लगते गए तो कैसे चलेगा राज्य।

इस सरकार का गिरना तय है अगर ऐसी ही दशा बनी रही। 

पुलिस के अत्याचार से मेरे देश को बचाओ...भारत का एक लाचार पिता


मेरा मन...

कल रात सभी ने मेरी बिटिया और आसिफा बिटिया को न्याय दिलाने के लिए इंडिया गेट पर कैंडल मार्च निकाला। मैंने ऊपर से सब कुछ देखा दिल को बहुत सुकून मिला लेकिन इस भीड़ में मेरी मौत का जिक्र कहीं नही था थोड़ा सा बुरा लगा कि वहां मौजूद राहुल गांधी प्रियंका गांधी ने मेरी मौत पर कोई अफसोस नहीं जताया। ख़ैर मेरी बिटिया को इंसाफ मिल जाए और उस मासूम सी जान के कातिल को फांसी पर चढ़ा दिया जाए इससे ज्यादा मुझे और क्या चाहिए।


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पर जेल में उन लोगों ने मुझे बहुत मारा मेरी एक न सुनी बस लगातार मारते ही गए और इतना मारा की मेरे प्राण ही निकल गए। मैं उनसे बार बार यही पूछ रहा था साहब मेरा क्या कसूर मेरा क्या कसूर है मुझे क्यों मार रहे हो। अन्याय तो हमारे साथ हुआ आपको तो हमारा साथ देना चाहिए इसीलिए तो सरकार द्वारा आप नियुक्त किये गए हैं। लेकिन वो पुलिस वाले कहाँ सुनने वाले थे वो तो बस मारते ही रहे। मैंने सोचा था कि वो लोग मेरी मदद करेंगे पर उन लोगो ने ही मेरी जान ले ली।

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क्या पुलिस को हत्या करने का लाइसेंस मिला है या फिर वो जितना चाहे उतना मार सकती है। क्या कोई गरीब इंसान पुलिस के पास गुहार लगाने जाएगा? जब समाज में कमजोर लोगों पर अत्याचार होता है तो उसमें से बाघी जन्म लेता है जिसको बाद में लोग अपराधी और न जाने किन किन शब्दों से बुलाने लगते हैं।


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Wednesday, 11 April 2018

एक समर्थक की खुली चिठ्ठी : मोदी जी योगी जी ये गरीबों का देश नहीं है

आदरणीय 

मोदी जी एवं योगी जी 


सादर प्रणाम,



ये गरीबों का देश नही है यहां गरीबो को न्याय नही मिल सकता यहां चंद अमीर और ताकतवर लोग लोग ही  सुकून भरी जिंदगी जी सकते हैं जैसे कि, सलमान खान। यहां बेकसूर इंसान भी इंसाफ पाने के लिए डरता है क्योंकि देश का माहौल ही ऐसा बना रखा है। इंसाफ मांगने जाओ तो पुलिस उल्टा पीटने लगती है और चौकी पर बिठाकर रखती है।


मामला कोर्ट में चला जाये तो वकील लूट लेते हैं और जज साहब की बात करे तो वो तारीख दे दे कर वकीलों का जेब भरते रहते हैं। उसके बाद भी न्याय नही मिलता है और मामला रफ दफा करने की बात की जाती है। पिटे हम दो साल पहले और मामला रफा दफा होता है दो साल बाद। अरे यही करना था तो उसी समय कर लेते।

इसीलिए बेकसूर लोग भी इन लफड़ों में पड़ना नहीं चाहते क्योंकि उनको पता है इस देश में उन्हें इंसाफ नहीं मिल सकता।


Click Here : मुंहफट 


मोदी जी और योगी जी मैं आप दोनो कट्टर समर्थक था खासकर योगी जी का तो मैं दीवाना था। लेकिन उन्नाव में हुई घटना के बाद आप दोनो में से किसी का भी ऐसा बयान नही आया जिससे मेरा सीना चौड़ा हो सके कि हां मैं जिसको न्याय की मूर्ति मानता था वो सही मायने में वैसे ही है। अरे जिस तरह से आप दोनों मंच पर खड़े होकर दहाड़ते है बस एक बार ऐसे ही चीख कर बोल देते की हम तुम्हारे साथ हैं बेटा तुम चिंता मत करो। मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि क्या उस विधायक के बिना सरकार नही चल सकती। 

योगी जी मोदी जी जिसके साथ रेप हुआ उसको देख कर मेरी रूह कांप गयी है। वो लड़की तो रोते रोते बेहोश हो जा रही है और उसके पिता की वीडियो जो बार बार मेरे सामने आ रही है उसको बार बार देखकर मेरी आंसू आ जा रहे हैं। क्या आपके आंखों में आंसू नहीं आ रहे हैं। उसके पिता की क्या गलती थी उसको क्यों मार डाला।


अगर आप अपने समर्थकों से जरा सा भी प्यार करते हैं तो उस लड़की को जल्द से जल्द इंसाफ दिलाइए वरना आप एक समर्थक खो देंगे।


प्रणाम